बाहर है कोरोना तो फिर तुम घर मे ही रहोना | कोरोना मजेदार गंभीर कविता | कोरोना पर कविता

कोरोना पर कविता

याद कर लो सब vj का गाना
हात को अब बार बार धोना
बाहर है कोरोना
तो फिर तुम घर मे ही रहोना।

नही समझनेवालों को एक बार फिर👇

समझा करोना 
बाहर कोरोना
हाथ को धोना
घर मे ही राहोना

कितनी बार समझाया ये समझते कहा।
कोरोना फैल रहा है मत घूमो यहां वहां
हम साथ दे तो बच जाएगा जहां।
फिर भी भाई तू समझ नी रहा।

तुझे कुछ नही होगा माना तेरी अच्छि इम्युनिटी
पर तेरे द्वारा फैला इंफेक्शन डैमेज करेगा कम्युनिटी।
घर पर बैठ तेरी कम कर ले वेलोसिटी।
अकेला घूमेगा फटके खायेगा मत बन सेलिब्रिटी।

घर पर रहकर सरकार को मदत करना.
घूमोगे बाहर तो फटके है वरना
नियम का पालन कर रहे हो तो कोरोना से मत डरना।
नाही तो बेटा तय है तेरा मरना।

तेरी एक छिक
अगर हो जाये Leak
तू हो जाएगा ठीक
पर 100 लोगो को कर देगा sick.

वक़्त बिता मत अब तू सो कर।
हो सके तो वर्क फ्रॉम होम कर।
इम्युनिटी बढा टाइम पर सो कर।
और खुद को बचा हाथ को धो कर।

कुछ भी हो होना है हमे Win
उम्मीद करेंगे निकले एक अच्छा दिन।
You Know well, What i mean..
its इंडिया वर्सेस covid19

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